धूल


धूलो का एक शैलाब आया,

बहुत ही बेहिसाब आया|

बन्द करके मेरी आँखे,

मुझमें अंधेरा फैलाया|


धूल के उड़ जाने के बाद,

रास्ता साफ़ था,

फिर क्या,

चलना अपने आप था|



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