Showing posts with label देश की बात. Show all posts
Showing posts with label देश की बात. Show all posts

देश की बात

गूंज जाता है दुनियां का हर कोना,
मैसेज, व्हाट्सएप, फेसबुक, टि्वटर,
रिश्ता नाता घर और परिवार,
जाना अंजाना और बेगाना।

देते हैं सब लोग हर साल,
जनवरी में नववर्ष की बधाई,
भूल जाते हैं वो लोग शायद,
भारत के नव वर्ष की लड़ाई।

नफरत की मंशा नहीं है दोस्त,
देश की प्रतिष्ठा की बात है,
मनाओं हर धर्म के त्योहार,
पर अपने देश के गीत याद रहे।

देश भक्त का कर्तव्य निभाओ,
भारत के अस्तित्व को बचाओ,
तब तुम कहलाओगे सच्चे देशभक्त,
बाकी सब दिखावा है, छलावा है।


                 🗒️🖋️🖋️🖋️शिवमणि"सफर"(विकास)

New Posts

कीड़े

कीड़े धानो के खेतों में धानो को खाते हैं उनके जड़ों और तनों को चबाते ही जाते हैं फिर एक दिन मर जाते हैं उसी खेत में मिल जाते हैं उसी मिट्टी ...