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अध्यापिका के मुख से

आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं
झांकी हिंदुस्तान की,
जिसने हम पर सब कुछ वारा
उस भारत देश महान की।

एक तरफ है वीर सिपाही
जिन्होंने हमारे लिए अपने प्राण लुटाई,
सत्य अहिंसा परोपकार प्रेम,
दया सत्कार इस देश का है व्यवहार।

ऋषियों महर्षियों की भूमि है ये 
जिस पर आध्यात्मिकता के पेड़ उगे,
और उस पर दया धर्म न्याय,
नीति करूणा के हैं फल लगे।

कर्तव्य निष्ठ महापुरुषों ने
यहां ज्ञान की है दीप जलायी,
अंधकार पूर्ण भविष्य से बचने के लिए,
जिससे होती है हमारी भलाई।

सुंदर फूलों की खुशबू
इस धरा को है मकाहते, 
तुम भी आओ दूजे के काम
हम सब को यही है सिखाते।

हरे-भरे पेड़ों की है यह दुनियां
जहां खेलती है नन्ही सी मुनिया,
जग सारा उसको देखता है बड़े दुलार से
और खेल-खेल में दिखाएं उसको दुनियां।

यहां पूजी जाती है नारी
यही है यहां की दुनियादारी,
हर जन से तुम प्रेम करो
सबसे तुम रखो अपनी यारी।


                  🗒️🖋️🖋️🖋️  शिवमणि"सफ़र"(विकास)

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