समूह में

ये क्या है 
क्या किसी को पता है 
यूं सरेआम किसी को पीट देना 
किसी को गालियां दे देना 
तुम्हारे साथ कुछ लोग हैं 
तो क्या तुम कुछ भी करोगे 
किसी निहत्थे को, असहाय को 
सरेआम पीटा करोगे 
यह जो तुम्हारी सोच है 
कि तुम जन समर्पित हो, शक्ति युक्त हो 
पर जरा यह बताओ मुझें 
अगर अकेले होते तुम 
तो क्या ऐसा ही व्यवहार करते हैं 
उस अकेले, निस्सहाय व्यक्ति के साथ 
शायद नहीं 
आराम से बातें करते 
बातों से हल ढूंढते 
जो एक सर्वमान्य तरीका है 
यही मानवता का आधार है


                  🗒️🖋️🖋️🖋️  शिवमणि"सफ़र"(विकास)

Comments

Popular posts from this blog

मानव और प्रकृति

शहर और जीवन

एक संदेश