उस देश को अब ये क्या हुआ

जिस देश में जन्मे राम,
उस देश को अब यह क्या हुआ।
जिस देश में जन्मे परशुराम,
उस देश को अब यह क्या हुआ।

भरत जैसे भाई हुए,
युधिष्ठिर जैसे धर्मानुयायी हुए।
कर्ण जैसे दानी हुए,
भीष्म जैसे स्वाभिमानी हुए।

सतयुग से कलयुग तक,
वीर पुरुषों की बौछार।
कृष्ण हुए, बलराम हुए,
भीम जैसे बलवान हुए।

एकलव्य जैसे गुरुभक्त हुए,
द्रोणाचार्य जैसे शख्स हुए।
नकुल जैसे सदाचारी हुए,
अर्जुन जैसे धनुर्धारी हुए।

फिर भी रुका नहीं अवतार,
भगवान ने जन्म लिया बारंबार।
जन्म लेकर इस संसार में,
यहां के लोगों का किया उद्धार।

सत्य,अहिंसा,परोपकार सिखाया,
धर्म-कर्म व न्याय बतलाया।
फिर भी पूरी नहीं हुई जब उनकी इच्छा,
मानवता की भी दे दी दीक्षा।


                  🗒️🖋️🖋️🖋️  शिवमणि"सफ़र"(विकास)

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