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Showing posts from December, 2018

जिंदगी प्यार है

जिंदगी क्या है? जिंदगी प्यार है, दर्द है, विश्वास है, जिंदगी इजहार है, मर्ज है, एहसास है। कुछ अंजाना सा अल्फाज है, ज़िन्दगी! जिंदगी रब है, गर रब है, तो सब है, बाकी सब एक ख्वाब है, जिंदगी! एक अनजाने एहसास से बंधी है यह दुनियां। जो हमारे हमराज हैं, हमसफर हैं, हमनवाब हैं। जिंदगी के दर्द ही सुकून है, बस उन्हें अपनाने का जुनून होना चाहिए। प्यार एक खुशी है, जो हमारे लिए ही बनी है, उन्हें गले लगाने का फितूर होना चाहिए। जिंदगी है तो प्यार है और प्यार है तो जिंदगी है इसे समझने का सुरूर होना चाहिए। रब की इच्छा है प्यार हमारी परीक्षा है प्यार इस पर हमें गुरूर होना चाहिए। जिंदगी के कण-कण में बसा है प्यार इसकी मर्यादा को बनाए रखना यही सच्चे प्रेमियों का ज़मीर होना चाहिए। होते हैं आशिक़ अनेक इस जहां में जो सच्चे प्यार को समझें ऐसे होते हैं शायद बस एक इस जहां में। प्यार से विपत्ति है, आपत्ति है परेशानी है, नाकामी है दुख है, तकरार है पर जो न समझे हैं कि ये बस प्यार के एक प्रकार है शायद उन्होंने जिंदगी में न किया कभी सच्चा प्या...

रेल

झुग झुग करती रेल आई, सब बच्चों में खुशियां छाई। एक ने सबको पास बुलाया, पास बुला कर या बतलाया। मैंने की हैं रेल की सवारी, उस से देखी दुनियां सारी। झरने नदियां पहाड़ को देखा, फूलों के  बहारों को देखा। सरपट सरपट आती रेल, सरपट सरपट जाती है। सबको खूब घूमाती है, सबका दिल बहलाती रेल। जब भगवान ने कृपा बरसाई, एक मानुष को बुद्धि आयी। उसने बना डाली एक रेल, जो हम सब की है प्यारी रेल। विज्ञान की खोज में आई, लोगों की सोच में छाई। जिस दिन दुनिया में आई, लोगों ने की बहुत बढ़ाई। जाए स्टीवेन्सन महान था, जिस पर लोगों को अभिमान था। जिसने यह रेल बनाई, हर जन के जो काम आई। तुम सब भी करना ऐसा काम, जिससे पहुंचे जन-जन को आराम। तुम पर लोग अभिमान करेंगे, उस काम गुणगान करेंगे।                   🗒️🖋️🖋️🖋️  शिवमणि"सफ़र"(विकास)

बारिश के बाद

बारिश के बाद मेढ़को की आवाज क्या कभी सुना है आपने टर्र टर्र टर्र। बारिश के बाद बहती हुई हवा को क्या कभी महसूस किया है आपने कितनी शीतल होती है। बारिश के बाद झूमते हुए पेड़ों को क्या कभी देखा है आपने कितने मन्द में गति से झूमते हैं। बारिश के बाद मिट्टी की खुशबू क्या कभी सूंघा है आपने कितनी मनमोहक होती है। बारिश के बाद घोंसलों से पक्षियों की आवाज क्या कभी सुना है आपने चूं चूं चीं चीं। बारिश के बाद हरे भरे खेत खलियानों को क्या कभी देखा है आपने हरियाली के गीत गुनगुनाते हैं। बारिश के बाद क्या कभी महसूस किया है अपने चारों तरफ के वातावरण को कितना शांत होता है। बारिश के बाद क्या कभी देखा है आपने नीले-नीले अंबर को कितना प्यारा लगता है।                   🗒️🖋️🖋️🖋️ शिवमणि"सफ़र"(विकास)